भारत और जापान ने विकासशील देशों में अनुसंधान, नीति निर्माण और क्षमता विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता किया है। यह समझौता चिबा में भारत के DAKSHIN-Global South Centre of Excellence और जापान के Institute of Developing Economies-JETRO (IDE-JETRO) के बीच हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्लोबल साउथ के देशों के लिए शोध-आधारित नीतियां और व्यावहारिक विकास मॉडल तैयार करना है।
इस सहयोग के माध्यम से दोनों संस्थान विकास से संबंधित चुनौतियों पर संयुक्त शोध करेंगे और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास मॉडल तैयार करेंगे, जिन्हें विभिन्न देशों में प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। इसके साथ ही, साक्ष्य-आधारित नीति सुझावों और संस्थागत सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे विकासशील देशों के लिए ठोस और स्थायी समाधान विकसित किए जा सकें।
समझौते के तहत, दोनों संस्थान संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, शोध परियोजनाएं और शैक्षणिक आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों का आयोजन करेंगे। इन पहलों का उद्देश्य विकासशील देशों के नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और संस्थानों की क्षमता को मजबूत बनाना और ज्ञान तथा तकनीकी सहयोग का विस्तार करना है।
दोनों संस्थानों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। यह साझेदारी समावेशी, टिकाऊ और लचीले विकास मॉडल तैयार करने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के देशों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और दीर्घकालिक विकास सहयोग को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।