पिछले तीन वर्ष में रेलवे ने दलालों के पास दो करोड़ से भी अधिक ब्लैक टिकट बरामद की है. ये ब्लैक टिकट अमाउंट के केवल वो डिजिट हैं, जो RPF ने ऑपरेशन मौजूद के अनुसार पिछले तीन वर्षों में 756 दलालों के पास से बरामद हुआ है. असल आंकड़ा इससे बड़ा हो सकता है.
हालांकि RPF ने दलाली के इस बड़े खेल के मोडस ऑपरेंडी के संबंध में कोई जानकारी आफिशियली दी नहीं है. न ही ये कहा है कि तीन वर्षों में पकड़े गए ये आरोपी किसी बड़े गैंग के लिए काम कर रहे थे या छोटे-छोटे इंडिविजुअल ग्रुप में काम कर रहे थे.
RPF और रेलवे ऑफिसरों से पूरे मुद्दे पर हमने बात करने का कोशिश किया लेकिन उनकी ओर से कोई रिप्लाई हमें मिला नहीं. इन 756 दलालों को रेलवे के वाणिज्य और रेलवे सुरक्षा बल विभाग ने छापेमारी कर संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा है.
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में हो रहा खेल
RPF की ओर सिर्फ़ इतना ही कहा गया कि पिछले कुछ समय से राष्ट्र के सभी जगहों से ई-टिकट की सुविधा के अनुसार टिकट दलाल नियम खिलाफ टिकटों की बुकिंग और कालाबाजारी कर रहे थे. जिसके बाद ऑपरेशन मौजूद लॉन्च किया गया था और इसी के अनुसार कार्रवाई की गई.
स्पेशल ड्राइव चलाकर जून में 30 दलाल गिरफ्तार
RPF की ओर से पिछले कुछ महीनों में दलालों के विरुद्ध हर माह दो से तीन स्पेशल ड्राइव चलाए गए. इन ड्राइव में तीनों मण्डलों में क्राइम गुप्तचर शाखा की टीम को शामिल किया गया. टीम ने केवल जून में ही 30 गैरकानूनी टिकट दलालों को अरैस्ट किया है.
रेलवे बोर्ड के मार्गदर्शन में गैरकानूनी टिकट दलालों पर कार्रवाई करने के लिए ये ऑपरेशन पूरे राष्ट्र में चलाया जा रहा है. जिसके अनुसार रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने त्योहारों के समय और अवकाश के दौरान विशेष अभियान चलाकर गैरकानूनी टिकट दलाली पर रोकने की कार्रवाई कर रही है. 2023, 2024 और जून, 2025 तक 756 गैरकानूनी टिकट दलालों के विरूद्ध कार्रवाई की गई है. इनसे कुल 2,43,10,000 रूपए की ब्लैक टिकट बरामद की गई है .
RPF की अपील
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट हमेशा अधिकृत वेबसाइट या IRCTC ऐप के माध्यम से ही बुक करें. गैरकानूनी रूप से खरीदे गए टिकट पर यात्रा करना दंडनीय क्राइम है. RPF की ओर से बोला गया है कि “अभियान आगे भी जारी रहेगा. हमारा लक्ष्य है कि हर यात्री को नियम मुताबिक यात्रा का अधिकार मिले और गैरकानूनी दलाली को पूरी तरह खत्म किया जाए.“